Tuesday, December 8, 2015

चाय की प्याली में नहीं, कॉफी के कप में आया तूफ़ान!

चाय की प्याली में तूफ़ान की बात तो आपने सुनी होगी, मैं आज आपको कॉफी के कप में आए तूफ़ान से परिचित कराता हूं. कॉफी प्रेमियों के लिए स्टारबक्स का नाम अनजाना नहीं है. 1971 में सिएटल शहर से शुरु हुआ अमरीका का यह बेहद लोकप्रिय ब्राण्ड भारत सहित दुनिया के पचास देशों के पन्द्रह हज़ार स्टोर्स में उपलब्ध है और इसकी लोकप्रियता का अन्दाज़ इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ समय पहले जब मुम्बई में इसका पहला आउटलेट खुला तो उसके बाहर मीलों लम्बी कतार थी. 

स्टारबक्स वाले सन  1997 से दिसम्बर के अंत वाले त्योहारों  के सीज़न में अपनी कॉफी के लिए ख़ास तरह के विण्टर थीम वाले कप जारी करते रहे हैं. कभी इन कपों पर बर्फ़ के फाहे नज़र आए हैं तो कभी स्नोमैन और कभी रेण्डियर. कभी क्रिसमस ट्री तो कभी उसे सजाने वाले चमकदार आभूषण आदि. ज़ाहिर है कि इन तमाम छवियों का सीधा नाता ईसाइयों के सबसे बड़े त्योहार क्रिसमस से है.   स्टारबक्स ने हमेशा यह प्रयत्न किया है कि जो कप वो जारी करे उसका डिज़ाइन पिछले बरस वाले कपों से एकदम अलहदा हो. तो इस परम्परा का निर्वाह करते हुए साल 2015 के त्योहारी सीज़न के लिए  स्टारबक्स ने अक्टोबर के आखिर में अपना उत्सवी कप जारी किया. इस कप को जारी करते हुए कम्पनी के वाइस प्रेसिडेण्ट जेफ्री फील्ड्स ने कहा कि “हम इस उत्सवी सीज़न में डिज़ाइन की ऐसी  निर्मलता के साथ प्रवेश करना चाहते हैं जिसमें हमारी तमाम गाथाओं का समावेश हो सके.” इस साल जारी हुए कप में पिछले बरसों से हटकर कोई आकृति नहीं है और यह एक निहायत सादा दो शेड्स वाला लाल रंग का कप है.

और बस इस कप का बाज़ार में आना था कि हंगामा बरपा हो गया! हो भी क्यों न?  सोशल मीडिया का ज़माना जो ठहरा. लगता है जैसे लोग प्रतिक्रिया करने को तैयार ही बैठे हैं! एक हैं जोशुआ फ्युर्स्टाइन जो अमरीका के एरिज़ोना राज्य में रहते हैं और खुद को मीडिया व्यक्तित्व और टेलीविजन तथा रेडियो का भूतपूर्व ईसाई प्रचारक बताते हैं. फेसबुक पर इनके अठारह लाख फॉलोअर्स  हैं. इन्होंने पाँच नवम्बर को फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया जो तुरंत वायरल हो गया. इन महाशय ने अपने इस वीडियो में फरमाया कि स्टारबक्स  वालों ने अपने कप से क्रिसमस की छवियों को इस कारण हटाया है कि वे जीसस से घृणा करते हैं! फ्युर्स्टाइन ने अपने फॉलोअर्स से भी अनुरोध कर डाला कि वे भी स्टारबक्स के इस कृत्य का सोशल मीडिया पर विरोध करें. फेसबुक के अपने पेज पर इन्होंने लिखा कि “मुझे ऐसा लगता है कि पॉलिटिकल करेक्टनेस के इस काल  में हम इतना ज़्यादा ओपन माइंडेड हो गए हैं कि हमारी खोपड़ियों से हमारे दिमाग बाहर ही निकल चुके हैं. आप इस बात को समझिये कि स्टारबक्स वाले अपने एकदम इन  कपों से ईसा और क्रिसमस को निकाल बाहर करना चाहते हैं. तभी तो अब उनके कप सादे लाल रंग के हैं.”  जब इनके इस वीडियो को करीब एक करोड़ बार देखा जा चुका तो इन्होंने सीएनएन मनी को एक ई मेल भेजा जिसमें फरमाया कि “मेरा खयाल है कि स्टारबक्स को यह संदेश पहुंच चुका है कि इस देश का ईसाई  बहुमत अब जाग चुका है और चाहता है कि उसकी आवाज़ को सुना जाए.” ताज्जुब इस बात का है कि यह मेल लिखते हुए इन महोदय को यह बात ध्यान में नहीं रही कि स्टारबक्स त्योहारी मौसम में बहुत सारे क्रिसमस उत्पाद जैसे आभूषण, कैलेण्डर्स, क्रिसमस थीम वाले गिफ्ट कार्ड्स, क्रिसमस संगीत के सीडी और क्रिसमस के वास्ते ख़ास तौर पर तैयार की गई कुकीज़ हर साल बेचता है और इस साल भी बेच रहा है.

भले ही स्टारबक्स ने यह कहकर अपना पक्ष सामने रखा कि अपने कपों के डिज़ाइन का सिलसिला बरकरार रखते हुए उसने इस बरस कपों का यह सादा डिज़ाइन इस सोच के साथ बाज़ार में उतारा है कि ग्राहक इन कपों को बतौर कैनवस इस्तेमाल करते हुए इन पर अपनी कथाएं रचें, और भले ही बहुत सारे लोगों ने जोशुआ फ्युर्स्टाइन के आरोप से असहमति भी व्यक्त की, सोशल मीडिया की जिस तरह की रिवायत है, बहुत सारे लोग स्टारबक्स की लानत-मलामत करने में जुट गए हैं. सोशल मीडिया पर लगभग पाँच लाख दफा स्टारबक्स का ज़िक्र हो चुका है. कुछ लोगों ने बाकायदा स्टारबक्स  का बहिष्कार तक करने का आह्वान कर डाला है. और जब इतना सब हो तो इससे व्यावसायिक  लाभ उठाने वालों का सक्रिय हो उठना भी अस्वाभाविक नहीं माना जा सकता. अमरीका के ही एक अन्य प्रतिस्पर्धी कॉफी ब्राण्ड डंकिंग डोनट्स ने जिस तरह का पवित्र हरी पत्तियों लाल रंग में ‘जॉय’ लिखा हुआ  कॉफी कप बाज़ार में उतारा है उसे सीधे इस ‘कप-गेट’ विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है.
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जयपुर से प्रकाशित लोकप्रिय अपराह्न दैनिक न्यूज़ टुडै में मेरे साप्ताहिक कॉलम कुछ इधर कुछ उधर के अंतर्गत मंगलवार, दिनांक 08 दिसम्बर, 2015 को इसी शीर्षक से प्रकाशित आलेख का मूल पाठ.   


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