Sunday, February 8, 2009

कैसी होगी इक्कीसवीं सदी?


भविष्यवाणियां, चाहे वे ज्योतिषियों ने की हों, विज्ञान गल्प लेखकों ने या भू-राजनीतिज्ञों ने, सदा ही मानव को आकर्षित करती रही हैं. बावज़ूद इस बात के कि उनकी सत्यता और विश्वसनीयता प्राय: सन्दिग्ध रही है. फिर भी दुनिया की अग्रणी निजी गुप्तचरी और भविष्यवाणी करने वाली कम्पनी स्ट्रेटफॉर के सी ई ओ, मीडिया विशेषज्ञ और अब तक चार पुस्तकों के लेखक जॉर्ज फ्रीडमेन ने एक बार फिर गलत साबित होने का खतरा उठाया है. अपनी नई किताब द नेक्स्ट हण्ड्रेड ईयर्स: अ फोरकास्ट फोर द ट्वेंटी फर्स्ट सेंचुरी के प्रारम्भ में ही फ्रीडमेन ने लिख दिया है कि वे जानते हैं कि उनकी अनेक भविष्यवाणियां ग़लत साबित होंगी, फिर भी उन्होंने इस किताब के माध्यम से भविष्य का एक एहसास सम्प्रेषित करने की कोशिश की है.

उन्होंने यह भी कहा है कि “हालांकि मेरे पास कोई क्रिस्टल बॉल (भविष्य देखने-दिखाने वाली गेंद) नहीं है, लेकिन मेरे पास एक ऐसी प्रविधि ज़रूर है, जो चाहे थोड़ी कम मुकम्मिल हो, मेरे तो ठीक ही काम आई है. उसी के ज़रिये मैं विगत को समझ सका हूं और आगत का अनुमान लगा सका हूं.” अपनी बात को कुछ और खोलते हुए वे कहते हैं कि मेरा तो काम ही यह है कि इतिहास की उथल-पुथल के पीछे छिपी व्यवस्था को देखूं-समझूं और यह अनुमान लगाऊं कि अब क्या घटनाएं, प्रवृत्तियां और तकनीक सामने आएंगी.”

क्या है फ्रीडमेन की खास-खास भविष्यवाणियां?

वे कहते हैं कि चीन एक बड़े और लम्बे आंतरिक संघर्ष के दौर से गुज़रेगा और मेक्सिको एक बड़ी वैश्विक शक्ति के रूप में उभरेगा. फ्रीडमेन अनेक विशेषज्ञों के इस कथन से असहमत हैं कि अमरीका के सामने चीन बड़ी चुनौती है, न कि रूस. अनेक तर्कों द्वारा वे चीन की कमज़ोरियां उभारते हैं और अमरीका को आश्वस्त करते हैं कि चीन से डरने की ज़रूरत नहीं है. एक और भविष्यकथन वे यह करते हैं कि शताब्दी के मध्य में अमरीका और पूर्वी यूरॉप, यूरेशिया और दूर पूर्व के एक अप्रत्याशित साझा संगठन के बीच एक विश्व युद्ध होगा. राहत की बात यह कि इस युद्ध में सेना का आकार अपेक्षाकृत छोटा होगा और यह विनाशक भी कम होगा.

अमरीका और जिहादियों के बीच का संघर्ष खत्म हो जाएगा, लेकिन उसके स्थान पर अमरीका रूस से उलझ जाएगा. फ्रीडमेन अमरीका का भविष्य कुछ ज़्यदा ही उज्ज्वल देखते हैं. वे तो यहां तक कह जाते हैं कि आने वाली शताब्दी अमरीका की शताब्दी होगी. इस बात को और साफ करते हुए वे यह बताते हैं भले ही ऐसा प्रतीत होता हो कि अमरीका विनाश की ओर बढ रहा है, असल में तो वह अभी भी बेहद शक्तिशाली है, वह इस्लामी आतंकवादी खतरों से भली-भांति पार पा लेगा, 2010 और 2020 वाले दशकों में उभरने वाले सोवियत रूस को भी पीछे छोड़ देगा और अन्तत: अंतरिक्ष आधारित मिसाइल सिस्टम को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लेगा. शताब्दी के मध्य का समय अमरीका के लिए स्वर्णिम काल होगा. इस बात को लेखक ने बहुत विस्तार से समझाया है. और जब हम उनके तर्कों को पढते हैं तो उनसे असहमत होना कठिन लगता है.

एक और बड़ी भविष्यवाणी फ्रीडमेन यह करते हैं कि आने वाले समय की तकनीक, सैन्य उपयोग के लिए और नए ऊर्जा संसाधन के लिए, अंतरिक्ष पर केन्द्रित होगी तथा इसके पर्यावरणीय प्रभाव दूरगामी और क्रांतिकारी होंगे.

पूरी किताब से गुज़र कर फ्रीडमेन की यह बात तो सही लगती है कि भविष्यकथन को जितनी छिछोरी हरकत माना जाता है, उतनी वह है नहीं. उसमें भी बुद्धि और तर्कसंगतता कम नहीं है. अगर हम घटना विशेष के आलोक में भविष्यवाणियों को परखने की बजाय यह देखें कि वे किन प्रवृत्तियों की तरफ संकेत करती हैं तो हम उनसे लाभान्वित भी हो सकते हैं. शायद यही इस किताब का मक़सद भी है.

Discussed book:
The Next 100 Years: A Forecast for the 21stCentury
By George Friedman
Published by: Doubleday
272 pages, Hardcover
US $ 25.95

राजस्थान पत्रिका के रविवारीय परिशिष्ट में मेरे पाक्षिक कॉलम 'किताबों की दुनिया' के अंतर्गत 08 फरवरी 2009 को प्रकाशित.









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