Tuesday, January 5, 2016

ताकि जी सके वो अपनी तरह से अपनी ज़िन्दगी

संयुक्त राज्य अमरीका का एक राज्य है ओरेगॉन. इस राज्य का नाम सुनते ही हम भारतवासी अपने ओशो को ज़रूर याद कर लेते हैं जिन्होंने अस्सी के दशक में इसी राज्य में रजनीशपुरम नाम से अपना एक अत्यधिक वैभवशाली साम्राज्य खड़ा किया था. यह अलग बात है कि कोई एक  दशक पहले जब मुझे इस राज्य में जाने का मौका मिला तो वहां ओशो या रजनीश के नाम से कुछ मिलना तो दूर रहा, इस नाम की स्मृतियां भी नदारद पाई गईं. अभी शुरु हुए नए साल में इस राज्य ने संयुक्त  राज्य अमरीका में एक महत्वपूर्ण पहल की है. इस पहल का परिचय देने से पहले यह बता देना ज़रूरी होगा कि दुनिया के और बहुत सारे देशों की तरह, और भारतीय चलन से हटकर, अमरीका में आप बिना डॉक्टर की पर्ची के कोई भी दवा नहीं खरीद सकते हैं. इस व्यवस्था  के कारण ही इस अमरीकी राज्य में साल के पहले दिन से शुरु हुई नई व्यवस्था की अधिक महत्ता है.

इस व्यवस्था  का सम्बन्ध गर्भ निरोध से है. बहुत सारी स्त्रियां विभिन्न कारणों से गर्भ निरोध के लिए गोलियों या पैचेस का इस्तेमाल करती हैं और ये न केवल खासे महंगे हैं, बिना डॉक्टर की पर्ची के इन्हें प्राप्त भी नहीं किया जा सकता था. इन दोनों कारणों से कई बार सुरक्षा चक्र अटूट नहीं रह पाता था, यानि इन्हें इस्तेमाल करने वाली महिलाओं के कुछ दिन असुरक्षित हो जाते थे. लेकिन अब वहां दो हाउस बिल प्रभावी हो गए हैं जिनसे यह खतरा पूरी तरह निर्मूल हो गया है. हाउस बिल 3343 में यह प्रावधान किया गया है कि जो कम्पनी आपका बीमा करती है वह पूरे बारह महीनों के गर्भ निरोधकों  का भुगतान एक साथ करेगी, और इससे गोलियों या पैचेस की पूरे साल की निर्बाध आपूर्ति सम्भव हो जाएगी. यहीं यह उल्लेख भी अप्रासंगिक नहीं होगा कि अमरीका में चिकित्सा सुविधाएं बहुत महंगी हैं और वहां के नागरिक समुदाय का एक बड़ा हिस्सा इस महंगाई से पार पाने के लिए बीमा योजनाओं का सहारा लेता है.

दूसरा  हाउस बिल 2879 और अधिक क्रांतिकारी है. इस बिल के द्वारा दवा विक्रेताओं को भी उन विशेषज्ञों की सूची में जगह दे दी गई है जो गर्भ निरोधक प्रेस्क्राइब कर सकते हैं. हालांकि यह काम उतना भी आसान नहीं होगा जितना प्रथम दृष्टि में लगता है, कि आप दवा विक्रेता के पास जाएं, उससे  अनुरोध करें और वो आपको गर्भ निरोधक  प्रेस्क्राइब कर दे. पहली बात तो यह कि यह सुविधा 18 वर्ष से कम की युवतियों को सुलभ नहीं होगी. उन्हें  अपना पहला प्रेस्क्रिप्शन तो डॉक्टर से ही लेना होगा, उसके बाद ही वे इस सुविधा का लाभ ले सकेंगी. दूसरी बात यह कि उन्हें दवा विक्रेता के पास जाकर एक प्रश्नावली भर कर देनी होगी और यह जांच लेने के बाद कि उन्हें गर्भ निरोधक के इस्तेमाल से कोई खतरा प्रतीत नहीं होता है, विक्रेता उन्हें वांछित सामग्री की बारह महीनों की सप्लाई दे सकेगा. यहीं यह भी बताता चलूं कि फिलहाल राज्य के तमाम दवा विक्रेताओं के यहां यह सुविधा सुलभ नहीं होगी. अभी वहां के मात्र 150 दवा विक्रेताओं को ऐसा करने के लिए अधिकृत किया गया है. स्थानीय प्रशासन दवा विक्रेताओं को समुचित प्रशिक्षण देने के बाद ही यह अधिकार प्रदान कर रहा है. उम्मीद की जा रही है कि अगले माह के अंत तक 800 दवा विक्रेताओं के यहां यह सुविधा उपलब्ध होने लगेगी. 

वैसे यह व्यवस्था एक अन्य अमरीकी राज्य कैलिफोर्निया करीब दो बरस पहले ही कर चुका था. वहां इस तरह का प्रावधान 2013 में ही पारित हो गया था लेकिन क्योंकि वह लागू  अब तक नहीं हो सका है, ओरेगॉन ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है.

समझा जा सकता है कि अमरीका जैसे उन्मुक्त और उदार देश में इन व्यवस्थाओं का अर्थ केवल  परिवार को सीमित रखने के लिहाज़ से ही नहीं है. इससे भी आगे इन व्यवस्थाओं की अहमियत स्त्री को अपने चयन में अधिक समर्थ बनाने में है. स्त्री की देह पर उसका और केवल उसका अधिकार है और होना चाहिए तथा वो संतान को जन्म देना  चाहती है या नहीं, उसके इस निर्णय में अगर कोई बाधा आती है तो राज्य का दायित्व है कि वह उस बाधा को दूर करे. ओरेगॉन राज्य की इन नई व्यवस्थाओं को इसी सन्दर्भ में देखा और समझा जाना चाहिए. इन नई व्यवस्थाओं से जहां स्त्री पर पड़ने वाले आर्थिक  भार में कमी आएगी वहीं उसे अपना मनचाहा जीवन जीने के लिए ज़रूरी उपकरण/संसाधन प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों में भी कमी आएगी.

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जयपुर से प्रकाशित लोकप्रिय अपराह्न दैनिक न्यूज़ टुडै में मेरे साप्ताहिक कॉलम कुछ इधर कुछ उधर के अंतर्गत मंगलवार, 05 जनवरी, 2016 को इसी शीर्षक से प्रकाशित आलेख का मूल पाठ. 
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